मैं लिखाता हूँ दिल की पीडा़
मैं गाता हूँ दिल की व्यथा
मैं हर घर घर की लिखाता हूँ कहानी
मेरे जुबानी पर बस मानव मानव की ही कहानी
ये सिर्फ शब्द नहीं है ये मेरे तन की बेलि है
हर मानव के अस्तित्व की पहचान है
ये मेरी कहानी बस मेरी नहीं है विश्व के हर मानव की है
जीवन कुछ पलों का शृंगार है
ना आने की तिथि है
ना जाने की तिथि है
बस हम यहाँ एक अतिथि है
खुशी से रहना खुशी से जीना है
मेरे प्यारे यह जीवन कुछ पलों का शृंगार है