तेरी पहचान है रे मानव
तु खुद्द को पहचान ले रे तु है मानव
अब तेरी नीति है रे दानव जैसी कब बदल गया रे तु
जिस देश में पैदा हुआ जिस मिट्टी से पला बड़ा हुआ
उस से गद्दारी मत कर से सभी तेरे भाई है
खुद्द को बड़ा मत समझ ले सब को एक ही मिट्टी जाना है
बस मानव बन कर तुझे जीना है बस मानव बन कर तुझे जीना है
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